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मिरà¥à¤—ी के उपचार हेतॠऔर इससे जलà¥à¤¦à¥€ छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठà¤à¤• सही आहार और कà¥à¤› दवाओं का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इस रोग से पीड़ित बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और वयसà¥à¤•ों को दौरे की समसà¥à¤¯à¤¾ कम पैदा हो इसके लिठकीटोजेनिक आहार दिया जाना चाहिà¤à¥¤ आपको बता दें कि यह आहार गà¥à¤¡ फैट और कम कारà¥à¤¬à¥à¤¸ वाले होते हैं।
मिरà¥à¤—ी से छà¥à¤Ÿà¤•रारा पाने के लिठकरे ये पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
à¤à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤•ा-
इस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को 3 तरह से किया जाता है। पहले में 5 सेकंड में सांस लें और 5 सेकंड में सांस छोड़े। दूसरे में ढाई सेकंड सांस लें और ढाई सेकंड में छोड़ें। तीसरा तेजी के साथ सांस लें और छोड़े। इस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को लगातार 5 मिनट करें। इस आसन को रोजाना 5-10 मिनट करें।
कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿
रोजाना कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ करने से आपके नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® के नà¥à¤¯à¥‚रॉन ठीक ढंग से काम करेंगे। जिससे आपको मिरà¥à¤—ी की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होगी। इसके लिठरोजाना 10-15 मिनट कपालà¤à¤¾à¤¤à¤¿ करे।
अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम
सबसे पहले पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में बैठजाà¤à¤‚। अब दाà¤à¤‚ हाथ की अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बाà¤à¤‚ नाक पर रखें और अंगूठे को दाà¤à¤‚ वाले नाक पर लगा लें। तरà¥à¤œà¤¨à¥€ और मधà¥à¤¯à¤®à¤¾ को मिलाकर मोड़ लें। अब बाà¤à¤‚ नाक की ओर से सांस à¤à¤°à¥‡à¤‚ और उसे अनामिका और सबसे छोटी उंगली को मिलाकर बंद कर लें। इसके बाद दाà¤à¤‚ नाक की ओर से अंगूठे को हटाकर सांस बाहर निकाल दें। इस आसन को 15 मिनट से लेकर आधा घंटा कर सकते हैं।
à¤à¥à¤°à¤¾à¤®à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
इस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को करने के लिठपहले सà¥à¤–ासन या पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ की अवसà¥à¤¥à¤¾ में बैठजाà¤à¤‚। अब अंदर गहरी सांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ हैं। सांस à¤à¤°à¤•र पहले अपनी अंगूलियों को ललाट में रखते हैं। जिसमें 3 अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से आंखों को बंद करते हैं। अंगूठे से कान को बंद कते हैं। मà¥à¤‚ह को बंदकर 'ऊं' का नाद करते हैं। इस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को 3-21 बार किया जा सकता है।
शीतली पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
सबसे पहले आराम से रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ सीधी करके बैठजाà¤à¤‚। इसके बाद जीठको बाहर निकालकर सांस लेते रहें। इसके बाद दाà¤à¤‚ नाक से हवा को बार निकालें। इस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को 5 से 10 मिनट तक कर सकते हैं। इस आसन को करने से मन शांत होगा, तनाव, हाइपरटेंशन के साथ-साथ à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ से निजात मिलेगा।
शीतकारी पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
इस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® में होंठखà¥à¤²à¥‡, दांत बंद करें। दांत के पीछे जीठलगाकर, दांतो से धीमे से सांस सांस अंदर लें और मà¥à¤‚ह बंद करें। थोड़ी देर रोकने के बाद दाà¤à¤‚ नाक से हवा बाहर निकाल लें और बाà¤à¤‚ से हवा अंदर लें। इस आसन को करने से तनाव, हाइपरटेंशन से निजात मिलता है। इसके साथ ही अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ अंदर जाती है।
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